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16 Jul 2012

Why does every B.Tech college wants to be a University??

प्रणाम !!!सभी पाठको को ।ये आपका स्नेह ही है जो मुझे इस ब्लॉग पर लिखने के ;लिए प्रेरणा  है ।इस लेख में मै आपको आजकल विश्वविद्यालय मान्यता के  लिए अथक प्रयास करते बी टेक कालेजो का सत्य  बताता हु ।किसी भी नये बतेच कॉलेज को मान्यता AICTE (All India Council of Technical Education ) देता है
।इस मान्यता के बिना कोई भी कॉलेज कोई तकनीकी पाट्यक्रम नही चला सकता।

इसके बाद राज्य सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नियम जैसे फीस ,,छात्रविती  भी सरकार तय करती है ।ये सब नियम सरकार इन निजी संस्थाओ को मनमानी करने से रोकने क लिए है ।इन नियमो का पालन न करने  पर संस्था पर आर्थिक दंड  या AICTE मान्यता रद्द करने का प्रावधान है ।सरकार ने इसी नियंत्रण के तहत ही प्रबंधन कोटे को पूरी सीट का कम प्रतिशत ही रखा है ।बी एड कोर्से में तो प्रबंधन कोटा निरस्त कर दिया गया है ।

विश्वविद्यालय मान्यता प्राप्त  पर निजी कोलेज एक स्वतंत्र संस्था हो  जाता है अर्थात सारे प्रवेश प्रबंधन कोटे से ही होते है ,फीस कोलेज तय करता है और पाठ्यक्रम  भी कोलेज तय करता है ।
तो इससे हुए लाभ कुछ इस प्रकार है -

  1. फीस कोलेज प्रबंधन तय करता है जोकि हमेसा अन्य संस्थाओ से  होती है ।मुनाफा बढ़ा ।
  2. बदला  हुआ पाठ्यक्रम ।नए प्रकाशको से मुनाफा 
  3. सरकारी हस्तछेप न्यूनतम ।
  4. 100 प्रतिशत प्रबंधन कोटा ।अपनी पुरानी प्रतिष्ठा पर फीस के अलावा अछा donation ।
  5. अमीर सोह्दो को प्रवेश परीक्षा की कठिनाइयों से मुक्ति मिल जाती है ।पैसा फेकिये और आप Engineer ।

अब शायद आप समझ गये होंगे की इन विश्वविद्यालयों का सच ।लेख पढने के लिए सादर धन्यवाद !अगर आपको पसंद  हो तो कृपया इसे शेयर करे और अन्य लोगो तक पहुचाये ।

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