भ्रष्टाचार भारत क्यों नही ख़त्म हो सकता ?आइये डालते है एक सरसरी निगाह सभी पहलुओ पर .आप सब को ज्ञात होगा की भारत ही मात्र एक ऐसा देश हैं जहा आप किसी भी एक विभाग को आप नही कह सकते की विभाग में भ्रष्टाचार नही है, न्यायपालिका से लेकर संसद हो, चाहे राष्ट्रपति से लेकर चपरासी हो, सब भ्रष्टाचार में यू से लिपट है जैसे पानी और कीचड़ .और ऐसा बिलकुल नही है की किसी एक सरकार या पार्टी के कार्यकाल में सिर्फ भ्रष्टाचार बढ़ा है, कुर्सी मिलने पर पाँव अपने पसारे है.।वो कहते है न एक प्रसिद्द कहावत :
"कद्दू कटेगा सबमे बटेगा "।।
तो कहना बिलकुल भी गलत नही है की भारत की जनता यह कद्दू है और उसको बारी बारी से काट काटकर खाने वाली ये सरकारे और राजनीतिज्ञ है ।
सबसे पहले नजर करते है भारत इतिहास में हुए प्रमुख घोटालो पर :
- 1950 से 1970:प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु :मुंधरा काण्ड साथ ही साथ सी.राजगोपालाचारी द्वारा सुझाया License Raj ने आर्थिक अस्थिरता ,आपराधिक संस्थाओ की भ्रष्टाचार में संलिप्तता और उद्योगों में भ्रष्टाचार बढ़ावा दिया ।(सूत्र :वोहरा कमिटी रिपोर्ट ,एन .एन वोहरा )
- 1970-1984:इंदिरा गाँधी ने अपने निष्कंटक एकल सशंकल और "गाँधी " पदवी का आर्थिक में बहुतया उपयोग किया और जब जय प्रकाश नारायण ने अपने समाचार पत्र के माध्यम से ये बात लोगो पहुचाई तो असंतोष को के लिए किया ।
- 1984-1991:प्रधानमंत्री राजीव गाँधी :बोफोर्स घोटाला :मन गया है की राजीव गाँधी और परिजनों ने
- स्वीडन की कम्पनी से होवित्जर तोपे के बदले मोटी रकम वसूली ।
- 1991-1998:प्रधानमंत्री पी .वी .नर्शिम्हा राव :हर्षद मेहता कांड का शेयर घोटाला ।
- 1998-2004:प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी :यु तो संप्रग सरकार में कोई बड़ा घोटाला नही सामने आया सिवाय अब्दुल करीम तेलगी का फर्जी स्टाम्प घोटाला काण्ड ।
- 2004-2012:प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह(भारत के सबसे ज्ञान्विद पर साथ ही सस्थ सबसे प्रभावहीन मुखिया ):इस सरकार के भारतीय इतिहास में हुए सबसे बड़े घोटाले इस भावी UPA गठबंधन के नाम है ।कुछ प्रमुख नाम :2G स्पेक्ट्रम काण्ड( अभियुक्त :ए.राजा) ,आदर्श सोसाइटी घोटाला ,कोयला खनन घोटाला ,कॉमनवेल्थ 2010 घोटाला ,अवैध बालू खनन काण्ड ,वोट के लिए नोट काण्ड (इस काण्ड ने भारतीय संसद की गरिमा को धूमिल किया ) आदि ।
कृपया इस लेख को अन्य लोगो तक पहुचने के लिए social नेटवर्क सिम्बल्स जोकि निचे है उनके माध्यम से शेयर करे ।धन्यवाद् ।

.jpg)
No comments:
Post a Comment