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30 Jul 2012

India Can Never Be Paeceful Unless Caste and Religion are Reservation Criterias

देश समाज से बनता है,,समाज लोगो से ,समाज की ईकाई हुआ एक व्यक्ति ।मनुष्य चाहे जो कोई भी हो ,उसके अन्दर कुछ बाते समान  है -प्रेम ,इर्ष्या ,करुणा  आदि ।ये मनुष्य की कुछ मूलभूत प्रवृतिया है ।समाज के प्रशाषक  वर्ग का कर्त्तव्य है समाज में सौहार्द बना कर रखना ताकि देश में भी सौहार्द और अखंडता का परिवेश रहे ।ऐसा करने के लिए अतिआवश्यक  है की सभी लोगो को समान अवसर मिले -चाहे वो जीवनयापन के हो या उन्नति के ।एक शांतिपूर्ण  समाज ही एक अखंड और प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण कर सकता है ।  समाज और देश के लिए ये एक आदर्श नियम है ।

आइये देखते आज भारत में क्या हो रहा है ?आज भारत कई टुकडो में बट चुका  है ,बाटा  है  आज  के  सत्ता लोलुप इन  नेताओ ने । कभी धर्म  के नाम पर तो कभी जाति  के नाम पर,तो कभी भाषा के नाम पर ।आज इन्होने आरक्षण की इसी गन्दी राजनीति शुरू कर दी है की लोग वर्गों में बात  है ,हर रोज़ एक नया गुट  रेल लाइन पर जाके बैठ जाता है ।मै  कहता हु दोष इन लोगो नही इन भेड़िया  रूपी राजनेताओ का है जो समाज को भेड़ समझ  इसे अपनी बातो में बहका ले जाते है और सत्ता मिलने पर रोज एक भेड़ खाने का कानून बना लेते है ।
एक सामान्य स्थिति आपको समझता हु की आपने स्वयं देखा होगा की एक ही माँ के दो बेटो में मनमुटाव तब हो जाता है जब जब माँ किसी कारण वश एक को ज्यादा लाड  करने लगती है ,तो आप सोचिये की जब समाज के कई वर्ग बनाकर अगर आप एक के हित का सदैव हनन कर  वर्गों को सुविधाए  देते रहेंगे तो समाज में और अंततः देश में  कहा  से शांति स्थापित रहेगी ???

आज सामान्य वर्गीय लोगो का असंतोष चरम पर है । हाड़तोड़ मेहनत कर बेरोजगारी का तमाचा पुरस्कार के रूप में पा रहा ये वर्ग ज्यादा दिन अब ये तानशाही नही बर्दाश्त कर सकेगा ।आज आन्दोलन भ्रस्टाचार मिटाने को  हो रहा है कल आरक्षण मिटने को होकर रहेगा ।वो तो कहिये की गाँधी की परंपरा हर भारतीय में जीवित है और हम लोकतंत्र का सम्मान करते है नही तो भारत को भी सीरिया और मिस्त्र में बदलने से कोई रोक नही सकता  था ।आज आंबेडकर ,मायावती और नेहरु की मुर्तिया तोड़ी जा रही है।कल इन नेताओ को तोडा जाएगा ।ये नेता कहते है की मुर्तिया तोड़ कुछ लोग माहौल बिगड़ने की कोसिस कर रहे है ।मै  कहता हु की माहौल तो तभी बिगड़ गया था जब आपने जबरन  जनता की सहमती के ये मुर्तिया लगवाई थी ।एक सच्चे नेता की मुर्तिया लगवाने की जरूरत नही होती उसकी प्रतिमा तो लोगो के दिलो में लगी होती है ।जाकर देख आइये अटल बिहारी  जी ने कही  अपनी प्रतिमा लगवाई है ,की वल्लभ भाई पटेल जी कही अपने पार्क बनवाए है और 12 मुर्तिया लगवाई हो !नही न !पर जाकर  लीजिये आज देश का हर बच्चा इनको जानता  है ।

याद रखना ऐ भांड राजनेताओ परशुराम सामान्य वर्ग से ही थे और  होंगे  ।।

जय हिंद ।।

24 Jul 2012

JOIN RTI ANONYMOUS:FIGHT CORRUPTION

RTI अधिनियम 2004 के बारे    अपने पिछले लेख में बता दिया था । इस अधिनियम में यु तो गोपनीयता का प्रावधान है परन्तु  आज भ्रष्टाचार यु फ़ैल गया है की सरकारी अधिकारी RTI कार्यकर्ताओ के नाम गोपनीय न रखके सम्बंधित भ्रष्ट लोगो को बता  है ।इसका प्रमाण है 28 RTI  कार्यकर्ताओ की बर्बरता पूर्वक की गयी हत्या ।इनका    था के  लोगो को एक भ्रस्ताचार मुक्त व् भयमुक्त समाज और देश देने के लिए संघर्ष कर रहे थे ,अपने लिए और आप सब लोगो के लिए ।

पर ये जड़ देश न कभी   के लिए एकजुट लड़ा है न कभी लड़ेगा ।सरकार  से सुरक्षा की उम्मीद तो करना ही ऐसे है जैसे 1857 में देश की  की उम्मीद करना । क्युकी इस सरकार  के 54 मंत्रियो में से 14 तो  ही भ्रस्टाचार में खुद ही  लिप्त है ।

ऐसी विकट  के समाधान के लिए एक संस्था है जो पूर्णतया आपकी RTI गोपनीय रखती है ।इस संस्था का नाम RTI (ANONYMOUS ) है ।ये संस्था एक ऑनलाइन संस्था है जो आप तक हर समय और हर जगह मौजूद है , कही  भी इन्टरनेट की  व्यवस्था है ।इसकी कार्यप्रणाली  इस प्रकार है -

How Does RTI Anonymous Work

आइये आगे बढिए और इन भ्रष्टो में RTI का भय  करिये इनकी करतूतों को RTI के द्वारा बेनकाब करके ।अधिक जानकारी और RTI (ANONYMOUS ) के साथ जुड़ने के लिए :http://getup4change.org/rti/how-does-rti-anonymous-work/

UPA To Spend 52 Crores On Rahul Sonia Security


नई दिल्ली: एक समय में जब यूपीए शीर्ष जूझती  अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए  मितव्ययिता के उपाय   व उपदेश दे रही थी और   आज सरकार वीवीआईपी सुरक्षा पर 51 करोड़ रुपये की  राशि खर्च करने पर विचार कर रही है.।

दिल्ली स्थित अखबार के अनुसार, विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के लिए प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी जैसे अन्य अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लिए इस तरह के हमलों पूर्वक्रय से प्राप्त करने के काफिलों में जवाबी हमला वाहनों को प्रतिष्ठित करने हेतु  अनुमोदन की मांग की है.

एसपीजी प्रधानमंत्री और उसके तत्काल परिवार के सदस्यों, और किसी भी पूर्व प्रधानमंत्री को या उसके तत्काल परिवार के सदस्यों के लिए आसन्न सुरक्षा प्रदान करता है. इस संबंध में, एसपीजी गार्ड राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी और पुत्री प्रियंका गांधी वढेरा के लिए भी जिम्मेदार है ।

 रिपोर्ट में कहा गया है,एसपीजी की  योजना में  10 रक्षा शेरपा 2 के साथ जवाबी हमला वाहनों की खरीद भी शामिल है 6 रक्षा शेरपा 2 रेनॉल्ट ट्रक रक्षा से त्वरित प्रतिक्रिया टीम वाहनों है कि लगभग 51 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।,अनुकूलन के उच्च डिग्री, रेनॉल्ट शेरपा पर विचार किया गया है, जो खरीद का एक कैबिनेट सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार समिति की मंजूरी की जरूरत है।

यह भी पता चला है कि एसपीजी का प्रस्ताव आतंक वीवीआईपी आगे 2014 के लोकसभा चुनाव के काफिलों पर हमले के खतरे पर बढ़ती चिंताओं के बीच आता है.।

  प्रश्न   है की    UPA   सरकार से सभी लोग ट्रस्ट है पर हाल में जब भारत के आधा दर्जन राज्य सूखे की    है तो  जेड + श्रेदी की सुरक्षा प्राप्त सोनिया और राहुल को 52  और  की   आफत आ पड़ी है ??इन ;दो लोगो की जान सूखे से 6 प्रदेशो में मर रहे किसानो और आम नागरिको से क्या ज्यादा  मूल्यवान है??कांग्रेस का  न कभी आम आदमी के साथ न था ,न ही है और न कभी होगा ।नेहरु को प्रधानमंत्री बनाने के लिए देश का बटवारा करने वाले ,आदमी की आर्थिक स्थिति मजबूत  होने पर ही सदस्यता देने वाली कांग्रेस कभी आम आदमी का हित नही क्र सकती ।और बताते चलू इनका जिन्दा रहना जरूरी इसलिए है ताकि ये देश को  सके ,मुर्ख जनता  को अपने झूठे वादों  से  रिझाकर सत्ता पाकर उनका खून खून चूस सके और अपने विरोधियो को बिना किसी हस्तछेप के  शमशान पहुचा सके ।

जय हिंद ।।

23 Jul 2012

Nag Panchami :Significance


 

nagpanchami festivalश्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। हिंदू धर्म के लोग इस दिन नाग को देवता मानकर उनकी पूजा करते हैं। इस बार यह पर्व 23 जुलाई, सोमवार को है। सोमवार चूंकि भगवान शिव का दिन माना गया है इसलिए इस बार नागपंचमी का महत्व और भी बढ़ गया है।

पुराणों के अनुसार इस दिन नाग के दर्शन व पूजन का विशेष फल मिलता है। जो भी इस दिन नाग की पूजा करता है उसे कभी सांप का भय नहीं होता और न ही उसके परिवार में किसी को नागों द्वारा काटे जाने का भय सताता है। नागपंचमी का पर्व मनाए जाने के पीछे एक कथा भी प्रचलित है जो इस प्रकार है-

किसी नगर में एक किसान परिवार रहता था। एक दिन वह किसान अपने खेत में हल चलाने गया। हल जोतते समय नागिन के बच्चे हल से कुचल कर मर गए। नागिन अपने बच्चों को मरा देखकर दु:खी हुई। उसने क्रोध में आकर किसान, उसकी पत्नी और लड़कों को डस लिया। जब वह किसान की कन्या को डसने गई तब उसने देखा किसान की कन्या दूध का कटोरा रखकर नागपंचमी का व्रत कर रही है।

यह देख नागिन प्रसन्न हो गई। उसने कन्या से वर मांगने को कहा। किसान कन्या ने अपने माता-पिता और भाइयों को जीवित करने का वर मांगा। नागिन ने प्रसन्न होकर किसान परिवार को जीवित कर दिया। तभी से ऐसी मान्यता है कि श्रावण शुक्ल पंचमी को नागदेवता का पूजन करने से किसी प्रकार का कष्ट और भय नहीं रहता।

22 Jul 2012

Famous Poitician's Quotes



Politics, it seems to me, for years, or all too long, has been concerned with right or left instead of right or wrong.  ~Richard Armour


Politicians and diapers should be changed frequently and all for the same reason.  ~José Maria de Eça de Queiroz, translated from Portuguese


Hell, I never vote for anybody, I always vote against.  ~W.C. Fields


We live in a world in which politics has replaced philosophy.  ~Martin L. Gross, A Call for Revolution, 1993


There are many men of principle in both parties in America, but there is no party of principle.  ~Alexis de Tocqueville


We'd all like to vote for the best man, but he's never a candidate.  ~Frank McKinney "Kin" Hubbard


All of us who are concerned for peace and triumph of reason and justice must be keenly aware how small an influence reason and honest good will exert upon events in the political field.  ~Albert Einstein


Under democracy one party always devotes its chief energies to trying to prove that the other party is unfit to rule - and both commonly succeed, and are right.  ~H.L. Mencken, 1956


What is conservatism?  Is it not the adherence to the old and tried against the new and untried?  ~Abraham Lincoln


I think it's about time we voted for senators with breasts.  After all, we've been voting for boobs long enough.  ~Clarie Sargent, Arizona senatorial candidate


A liberal is a man or a woman or a child who looks forward to a better day, a more tranquil night, and a bright, infinite future.  ~Leonard Bernstein, The New York Times, 30 October 1988


Take our politicians:  they're a bunch of yo-yos.  The presidency is now a cross between a popularity contest and a high school debate, with an encyclopedia of cliches the first prize.  ~Saul Bellow


In order to become the master, the politician poses as the servant.  ~Charles de Gaulle


Those who are too smart to engage in politics are punished by being governed by those who are dumber.  ~Plato


Politicians are the same all over. They promise to build a bridge even where there is no river. ~Nikita Khrushchev


Liberalism is trust of the people tempered by prudence.  Conservatism is distrust of the people tempered by fear.  ~William E. Gladstone, 1866


When I was a boy I was told that anybody could become President; I'm beginning to believe it.  ~Clarence Darrow


George Washington is the only president who didn't blame the previous administration for his troubles.  ~Author Unknown


Truth is not determined by majority vote.  ~Doug Gwyn


An election is coming.  Universal peace is declared, and the foxes have a sincere interest in prolonging the lives of the poultry.  ~George Eliot


Politics is the art of looking for trouble, finding it whether it exists or not, diagnosing it incorrectly, and applying the wrong remedy.  ~Ernest Benn


We have, I fear, confused power with greatness.  ~Stewart Udall


The modern conservative is engaged in one of man's oldest exercises in moral philosophy; that is, the search for a superior moral justification for selfishness.  ~John Kenneth Galbraith


A conservative is a man with two perfectly good legs who, however, has never learned how to walk forward.  ~Franklin D. Roosevelt, radio speech, 26 October 1939


Politicians are people who, when they see light at the end of the tunnel, go out and buy some more tunnel.  ~John Quinton

Source:http://mightyarticles.blogspot.com

JayLalitha Ji gives Hindus Subsidy for Pilgrimage:Dat's Democracy


तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने आज हिंदुओं के तीर्थ चीन और नेपाल में Mukthinath मंदिर में मानसरोवर मंदिर में करने के लिए, क्रमशः सक्षम 40,000 रुपये और 10,000 रुपये की सब्सिडी की घोषणा की. राज्य विधानसभा में नियम 110 के तहत एक वक्तव्य बना रही है, उसने कहा सब्सिडी से राज्य के 500 तीर्थयात्रियों के लिए दिया होगा - मानसरोवर और Mukthinath मंदिरों के लिए 250 प्रत्येक विदेश मंत्रालय द्वारा चुना. उन्होंने कहा कि एक लाख रुपये की कुल लागत की, सरकार ने उन पर जाकर Mukthinath मंदिर, कुल लागत 25,000 रुपये आता है जिसके लिए के लिए सब्सिडी के रूप में मानसरोवर और 10,000 रुपये के लिए जा रहा तीर्थयात्रियों के लिए सब्सिडी के रूप में 40,000 रुपये देना होगा.

उन्होंने कहा कि हिंदुओं के हजारों हर साल इन धार्मिक स्थलों के लिए तीर्थ का कार्य. लेकिन आर्थिक रूप से गरीब पृष्ठभूमि से उन लोगों के लिए, यह केवल एक सपना बना रहा.

, सुश्री जयललिता ने कहा कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए, यह करने के लिए यरूशलेम को तीर्थयात्रा करने के लिए ईसाइयों के लिए दिया जा रहा है एक की तर्ज पर हिंदू तीर्थयात्रियों के लिए सब्सिडी प्रदान करने का निर्णय लिया गया|

मन हर्षित है की कोई तो नेता है जो वोट बैंक की नजर से जनता को न देखकर लोकहित की नजर से देखता है ।लोकतंत्र कही तो जीवित है ।

Major Corruption Cases In India:Govt and Prime minister wise

 भ्रष्टाचार भारत क्यों  नही  ख़त्म  हो सकता ?आइये  डालते  है एक सरसरी निगाह  सभी  पहलुओ पर .आप  सब को ज्ञात  होगा की भारत  ही  मात्र  एक ऐसा  देश हैं जहा  आप  किसी भी एक विभाग को आप  नही  कह सकते  की विभाग  में भ्रष्टाचार नही  है, न्यायपालिका  से लेकर  संसद हो, चाहे राष्ट्रपति से लेकर चपरासी  हो, सब भ्रष्टाचार में यू से लिपट है जैसे पानी और कीचड़ .और  ऐसा बिलकुल  नही  है की किसी एक सरकार या पार्टी के कार्यकाल  में  सिर्फ भ्रष्टाचार  बढ़ा  है, कुर्सी मिलने पर पाँव  अपने  पसारे  है.।वो कहते है न एक प्रसिद्द कहावत :
                                        "कद्दू कटेगा सबमे बटेगा "।।
तो कहना बिलकुल भी गलत नही है की भारत की जनता यह कद्दू है और उसको बारी बारी से काट काटकर  खाने वाली ये सरकारे और राजनीतिज्ञ है ।



सबसे पहले नजर करते है भारत   इतिहास में हुए प्रमुख घोटालो पर :
  1. 1950 से 1970:प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु :मुंधरा काण्ड  साथ ही साथ सी.राजगोपालाचारी द्वारा सुझाया License Raj ने आर्थिक अस्थिरता ,आपराधिक संस्थाओ की  भ्रष्टाचार  में संलिप्तता और उद्योगों में  भ्रष्टाचार बढ़ावा दिया ।(सूत्र :वोहरा कमिटी रिपोर्ट ,एन .एन वोहरा )
  2. 1970-1984:इंदिरा गाँधी ने अपने निष्कंटक एकल सशंकल और "गाँधी " पदवी का  आर्थिक  में बहुतया उपयोग किया और जब जय प्रकाश नारायण ने अपने समाचार पत्र के  माध्यम से ये बात लोगो  पहुचाई  तो असंतोष को  के लिए किया ।
  3. 1984-1991:प्रधानमंत्री  राजीव गाँधी :बोफोर्स घोटाला :मन गया है की राजीव गाँधी और  परिजनों ने 
  4. स्वीडन की कम्पनी  से होवित्जर तोपे  के बदले मोटी रकम वसूली । 
  5. 1991-1998:प्रधानमंत्री पी .वी .नर्शिम्हा राव :हर्षद मेहता कांड का शेयर  घोटाला
  6. 1998-2004:प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी :यु तो संप्रग सरकार  में  कोई बड़ा घोटाला नही सामने आया सिवाय अब्दुल करीम तेलगी का फर्जी स्टाम्प  घोटाला काण्ड
  7. 2004-2012:प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह(भारत के सबसे ज्ञान्विद पर साथ ही सस्थ सबसे प्रभावहीन मुखिया ):इस सरकार के  भारतीय इतिहास में हुए सबसे बड़े घोटाले इस भावी UPA गठबंधन के नाम है ।कुछ प्रमुख नाम :2G स्पेक्ट्रम काण्ड( अभियुक्त :ए.राजा) ,आदर्श सोसाइटी घोटाला ,कोयला खनन घोटाला ,कॉमनवेल्थ 2010 घोटाला ,अवैध बालू खनन काण्ड ,वोट  के लिए नोट काण्ड (इस काण्ड ने भारतीय संसद की गरिमा को धूमिल किया ) आदि ।
ये घोटाले ये है जिन पर कुछ न कुछ  हुई है और  अभियुक्तों को सजा भी हुई है ।अधिक जानकारी के लिए जाये इस लिंक पर जाये:http://www.vidushaka.com/indiacorruption.html,

कृपया इस लेख को  अन्य लोगो तक पहुचने के लिए social नेटवर्क सिम्बल्स जोकि निचे है उनके माध्यम से शेयर करे ।धन्यवाद् ।


20 Jul 2012

Mahabharata :myth or reality



Mahabharata :myth or reality


Mahabharata

It has been debated for long whether the epic story of MAHABHARATA is real or just an imaginary story written by Ved Vyas. To find my answers i did some research and found some astonishing facts.
An excavation was carried out by National Institute of Oceanography under the sea near Gujarat coast to find evidence regarding the existence of an ancient city and civilization prior to Indus valley civilization. After diving deep scientist found a whole new city under the sea that resembled Lord Krishna's Dwaraka described in Mahabharata. Some artifacts were collected and sent for examination and to everyone's astonishment some of these artifacts were 32,000 years old. 


When man around world were wandering in forest, 32,000 years ago we find a city in India with sandstone walls and copper stone streets. As described in Mahabharata, Dwaraka city was submerged under water by Lord Krishna, oceanographers found out that this city was submerged underwater some 9000 years ago the same time when Mahabharata war ended.

The words 'Puraan' and 'Itihas' used by Ved Vyas in Mahabharata, these words were coined by Aryans to specify 'Ancient' and 'Recent' events. Detailed description of events, places and charecters myriad in nature which is too difficult for a person to visualize on own apart from being a real life incident.

Ancient Nuclear Warfare used in Mahabharata:

There is an description of an explosion in Mahabharatha war which gives us insight that ancient Indians knew about Nuclear warfare and even used it. A person when exposed to nuclear radiation has his finger nails and hairs falling out which is described clearly in the texts and secondly Ved Vyas describes that soldiers jump in water after the explosion, which goes with the fact that jumping in water eases the pain by nuclear radiation.


Scientist have found out an ancient city near Rajasthan with radioactive ash dating back 8000-12000 years. Modern analysis show that the ancient city was burned at a temperature greater than 1500 degree centigrade


Francis Taylor states "It's so mid-boggling to imagine that some civilization had nuclear technology before we did. The radioactive ash adds credibility to the ancient Indian records that describe atomic warfare."
J .Oppenheimer the principal developer of atomic bombs stated acknowledeged the impact Vedas had on him while creating atomic bomb, when oppenheimer was first asked whether this was the first nuclear explosion??,he replied "yes ,but in modern times implying that ancient nuclear explosions may have occurred earlier in ancient times"

19 Jul 2012

Who will launch the next big thing Google Apple or Microsoft ???


Who will launch the next big thing Google Apple or Microsoft ???

After the social networking revolution by an Harvard undergrad Mark Zuckerbergthe question again arises who will launch the next big thing ????

For a better understanding let us look at history, back in 1970's computers were costly, huge in size often occupying large spaces and consumed a lot of power as a result they were out of reach to the general public but one man changed it all, when he created the first personal computer that had more computing power than thescientific computers used in the Apollo mission and occupied less space and consumed less power.. and that man unknown to the world then is known today allover asSteve Jobs, the man who created Mac O.SI-PODI-PAD,I-PHONEApple PC....


Then came Bill Gates and Paul Allen in1980's and found their unknown company calledMicrosoft which had an humble beginning but turns out to become the worlds most prestigious company. It developed Windows O.S that is most widely used O.S in the world.

In 1990's two geek's go to Microsoft with their research project known as Internet Search Engine but are ridiculed and sent home.. but undeterred the two geeks's Larry Pageand Sergey Brin continued with their research and developed their own internet search engine known as "GOOGLE" and changed the way whole world looked atinternet. Through Google guys the real power of internet was noticed.

Considering all this we can be optimistic that maybe history would repeat itself and an unknown person with an extra-ordinary idea will launch the next big thing that would change the world. 

Familification of Indian Politics:A danger to National Interest

विरासत की सियासत 

भारतीय राजनीति पर हमेशा से परिवारवाद और भाई-भतीजावाद के आरोप लगते रहे हैं। तर्क ये कि लोकतंत्र में परिवारवाद के लिए जगह नहीं होनी चाहिए। मिसाल दी जाती है पश्चिमी देशों की। हालांकि इंग्लैंण्ड जैसा लोकतंत्र सदियों से एक शाही परिवार के अंगूठे के नीचे काम करता चला आ रहा है। अब इसे सही मानें या गलत, लेकिन भारतीय राजनीति में परिवारवाद कहीं न कहीं भारतीय समाज की मजबूत परिवार संस्था को ही दर्शाता है। जिन देशों में परिवार संस्थाएं बेहद कमजोर हैं वहां की राजनीति में भी परिवारवाद कम देखने को मिलता है। भारत समेत अधिकांश एशियाई देश भले ही लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत काम कर रहे हों, लेकिन वहां की राजनीति में परिवारों का खासा दखल है। इसका सबसे बड़ा कारण यही है कि इन देशों के समाज में परिवार आज भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जबकि पश्चिमी देशों में परिवार संस्थाएं तेजी से भरभरा रही हैं।


देश के उत्तरी छोर से शुरू करते हुए अगर भारत पर नजर डालें तो- जम्मू कश्मीर की नेशनल काॅन्फ्रेंस में अब्दुल्ला परिवार और पीडीपी में मुफ्ती परिवार, उत्तर प्रदेश की सपा में मुलायम सिंह का परिवार और रालोद में चै. अजीत सिंह का परिवार, पंजाब के अकाली दल में बादल परिवार, हरियाणा के इनेलो में चैटाला परिवार, बिहार के राजद में लालू यादव परिवार, उड़ीसा के बीजद में पटनायक परिवार, महाराष्ट्र की शिव सेना में ठाकरे परिवार, तमिलनाडु में करुणानिधि परिवार, ग्वालियर का सिंधिया परिवार और सबके ऊपर एक राष्ट्रीय परिवार- गांधी परिवार। भारत की राजनीति पूरी तरह परिवारों के गिरफ्त में है। भारतीय राजनीति में परिवार इतने महत्वपूर्ण हो चले हैं कि उनको राजनीति से अलग किया ही नहीं जा सकता। और जिस तरह जनता इन पारिवारिक पार्टियों के सिर पर जीत का सेहरा बांधती आ रही है, उसे देखकर तो यही लगता है कि आम जनमानस को परिवारवाद से कोई खास दिक्कत नहीं है।

वाम दल और भाजपा ऐसी पार्टियां हैं जहां पारिवारिक उत्तराधिकारी देखने को नहीं मिलते। भाजपा के वरिष्ठ नेता अपने बच्चों को सांसद और विधायक के पदों तक तो पहुंचाने में सफल रहे हैं, लेकिन किसी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के बेटे के सीएम-पीएम बनने के उदाहरण नहीं दिखते। भाजपा में संघ का दखल व अनुशासन और वाम दलों में पार्टी की सख्त कार्यप्रणाली व नीतियां इसके पीछे मुख्य कारण हो सकती है। लेकिन कांग्रेस समेत देश की बाकी पार्टियों में परिवारों का खासा बोलबाला है। वैसे भी ये तो इस देश की संस्कृति रही है कि पिता अपने पुत्र को और भाई अपने भाई को सदा से मजबूत बनाता चला आया है। तो अगर राजनीतिक दलों में ऐसा हो रहा है तो उसमें हैरान होने की कोई बात नहीं। भारत के जिन घरों में पिता-पुत्र और भाई-भाई के रिश्तों में दरारें हैं उन घरों को अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता। हमारे यहां खून के रिश्तों को इतना महत्व दिया जाता है कि सर्वोच्च पदों पर पहुंचने के बाद भी रिश्तों को दरकिनार नहीं कर सकते। जिस दिन भारतीय समाज में व्याप्त मजबूत परिवार संस्था कमजोर होगी उस दिन भारतीय राजनीति से भी परिवारवाद खत्म होना शुरू हो जाएगा।

इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र के लिए परिवारवाद अच्छा नहीं, लेकिन आजादी के 65वें साल में भी लाख हो-हल्ले के बावजूद देश की राजनीति से परिवारवाद नहीं मिट पा रहा है। अगर केंद्रीय सरकार की बात करें तो 65 में से तकरीबन 50 सालों तक एक मात्र नेहरू-गांधी परिवार की बादशाहत रही है। उसी तरह जम्मू-कश्मीर में अब्दुल्ला परिवार भी एकछत्र शासन करता चला आ रहा है। वैसे भारत में लोकतंत्र की स्थापना से पहले जो राजतांत्रिक व्यवस्था थी उसमें भी एक ही वंश लगातार शासन करता था। तो उस हिसाब से वर्तमान लोकतंत्र को उसी राजतांत्रिक व्यवस्था का सुधरा हुआ रूप भी कहा जा सकता है।

संसदीय लोकतंत्र में सत्ता की चाबी वैसे तो जनता के हाथ रहती है लेकिन हमारी सोच भी परिवारवाद के इर्द गिर्द ही घुमा करती है …. वह सम्बन्धित व्यक्ति के नाते रिश्तेदार को देखकर वोट दिया करती है….जबकि सच्चाई ये है , चुनाव में राजनीतिक परिवारवाद से कदम बढ़ने वाले अधिकाश लोगो के पास देश दुनिया और आम आदमी की समस्याओ से कोई वास्ता ओर सरोकार नहीं होता ……वो तो शुक्र है ये लोग अपने पारिवारिक बैक ग्राउंड के चलते राजनीती में अपनी साख जमा लेते है …… ऐसे लोगो ने भारतीय राजनीती को पुश्तैनी व्यवसाय बना दिया है …….जहाँ पर उनकी नजरे केवल मुनाफे पर आ टिकी है….
.इसी के चलते आज वे किसी भी आम आदमी को आगे बढ़ता हुआ नहीं देखना चाहते……
वंशवाद अगर इसी तरह से अगर आगे बढ़ता रहा तो आम आदमी का राजनीती में प्रवेश करने का सपना सपना बनकर रह जायेगा ……..परिवारवाद को बढाने वाले कुछ लोगो ने राजनीती को अपनी बपोती बना कर रख दिया है……यही लोग है जिनके चलते आज “जन लोकपाल ” बिल पारित नहीं हो पा रहा है…. अन्ना सरीखे लोगो ने आज इन्ही की बादशाहत को खुली चुनोती दे दी है ……जिसके चलते खुद को सत्ता का मठाधीश समझने वाले इन नेताओ को आज उनका सिंहासन खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है..

Indian Spiritual Guru and Their Super Economic Empiredesho

पाठको को मेरा  प्रणाम ।भारत में गुरु को  ईश्वर से ऊँची पदवी दी गयी है । आपने ये छंद  सुना ही होगा -


"गुरु गोविंग दोनों खड़े,काके लागु पाये
बलिहारी गुरु आपने ,गोविन्द दियो बताये  "।।

अर्थात अगर आप के  कभी गुरु और इश्वर के सम्मान में असमंजस की स्थिति आ जाये तो आप सम्मान में श्रेष्ठ गुरु को चुने ।

पर आज इस कलयुग में अर्थ बदल गये है ।आज गुरु में भगवान देखना मुश्किल होता जा रहा है , आजकल गुरुओ में  धन की लालसा जागृत हो गयी है ।आज गुरु ज्ञान तो देते है पर उसकी उची कीमत होती है जिससे वो लोक कल्याण नही अपितु अपने एशो आराम की चीजे इकट्ठा करते है,अपना आर्थिक साम्राज्य खड़ा करते है ।आइये आपका परिचय कराते है भारत के कुछ अति समृद्ध  गुरुओ से -

बाबा रामदेव :तहलका की रिपोर्ट में बताये गये तथ्य के अनुसार योग गुरु रामदेव के पास 1100 करोड़ का आर्थिक साम्राज्य है ।इस आर्थिक साम्राज्य के प्रमुख स्त्रोत है - पतंजलि Yogpeeth और दिव्य योगी मंदिर ट्रस्टों और अन्य शाखाओं, पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज, पतंजलि Chikitsalaya, योग ग्राम, Goshala, पतंजलि खाद्य और हर्बल पार्क।
बताते चले की रामदेव बाबा ने ही सबसे पहले भारत में काले धन का मुद्दा उठाया  और मौजूदा  में ये अन्ना हजारे के साथ कदम से कदम मिलाकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध आन्दोलन में भाग लें  है ।

सत्य साईं बाबा : सूत्रों के अनुसार दिवंगत सत्य साईं बाबा के ट्रस्ट की राशी करीबन 40,000 करोड़ है ।इसमें 98 किलो सोना ,307 किलो चांदी और 11.67 करोड़  नकद है ।ट्रस्ट के अनुसार ये सारा धन  श्रद्धालुओ के donations है ।


माता अमृतानंद  देवी :आर्थिक साम्राज्य :1500 करोड़ रुपये
आय का मुख्य स्रोत: अमृता विश्व विद्यापीठम कॉलेजों, अमृता चिकित्सा विज्ञान संस्थान (कोच्चि), अमृता स्कूलों, टीवी चैनल. अमृता स्कूल केरल में स्थित हैं।बताते है कि  ट्रस्ट, है, जो की अध्यक्षता के लिए 1500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति है कहा जाता है. आज Vallikavu, कोल्लम दूर एक छोटा सा द्वीप है,  वहा  इनका  आश्रम के एक पॉश पांच मंजिला इमारत है.।


श्री श्री रविशंकर(आर्ट ऑफ़ लिविंग ) :आर्थिक साम्राज्य :1000 करोड़ से अधिक ।
                          आय के  स्त्रोत : केंद्र (बंगलौर), श्री श्री शंकर विद्या मंदिर ट्रस्ट, पु कॉलेज (बंगलौर), श्री श्री सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (बंगलौर), श्री श्री विश्वविद्यालय, आर्ट ऑफ लिविंग जीने की कला स्वास्थ्य एवं शैक्षिक ट्रस्ट (यूएस), आदि


ऐसे  बहुत  से गुरु है भारत में और उन सभी का विवरण देना इस लेख में संभव नही है ।पर हा एक   है की ये  गुरु कुछ तो समाज कल्याण के कार्य करते है ,पर यह कुछ लोग लोग धर्म गुरु  के नाम पे ढोंग और उसके पीछे अन्य नीच काम करते है ।
आइये देखते है कुछ नाम :


निर्मल बाबा:सूत्रों के अनुसार एक असफल व्यवसाई जिसने कुछ ही समय में अपने  सुझावों के द्वारो अथक राशी कमाई ।अपने निर्मल दरबार की न्यूनतम प्रवेश फीस 2000 रुपये रखने वाले इस ढोंगी  बाबा का खुलासा कुछ ही दिन पहले एक व्यक्ति की शिकायत पर हुआ ।


कहा  गया  है की अगर किसी को गुरु  तो मत बस समर्पण कर दो खुदको उसके चरणों में,पर आज इस बात की सार्थकता उतनी प्रमाणिक नही लगती ।खैर ये कलयुग है बदलाव जायज है ।


इस  विषय पर अधिक जानकारी के लिए लिंक : SuperRich-Spiritual-Gurus-of-India









18 Jul 2012

Tribute To Rajesh Khanna

राजेश  खन्ना ,सबके   चहेते बाबू  मोशाये व् "काका " ,अब  दुनिया में नही है ।  अंतिम सासें इन्होने अपने मुंबई स्थित आवास  "आशीर्वाद "  आज दोपहर को ली ।  से ये बीमार चल  थे ,पर इनके परिवार के अनुसार इनकी हालत में सुधार हो रहा था और डाक्टरों ने भी यही कह के कल इन्हें घर  ले जाने को कहा था।आज पूरा देश इस महान कलाकार और उतने  ही अच्छे इन्सान की गैरमौजूदगी से शोकाकुल है ।पर वो सदा अमर  रहेंगे हमारे दिलो में ,हमारी यादो में ।इस  बात पर आनंद का एक डायलोग याद आता  है -"बाबू मोशाय ,जिंदगी लम्बी नही बड़ी  चाहिए ।  "  


 आइये उनसे आपका संछिप्त परिचय करवाते है -


शुरुआती जीवन :
  जतिन  खन्ना अमृतसर में 29 दिसम्बर 1942 पर पैदा हुआ थे . उन्हें  अपनाया गया था और पालक माता पिता, जो उसके जैविक माता - पिता के रिश्तेदारों द्वारा गोद लिए  गए. खन्ना गिरगांव  पास ठाकुरद्वार  में रहते थे। जब राजेश खन्नाने  फिल्मों में शामिल होने का फैसला किया, इनके चाचा ने इनका प्रथम नाम बदल दिया जोकि राजेश है .।अपने मित्रों और उसकी पत्नी उसे काका कहते हैं.।1973 में इन्होने समकालीन अभिनेत्री डिम्पल कपाडिया से विवाह किया ।इनकी दो बेतिया है -Twinkal और रिंकी 


फ़िल्मी जीवन :
वह 163 फीचर फिल्मों, जिनमें से 128 फिल्मों के उसे सीसा नायक के रूप में देखा में दिखाई दिया, वह 17 कम के रूप में अच्छी तरह से फिल्मों में दिखाई दिया । वह तीन फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता और के लिए नामित किया गया था एक ही चौदह बार. वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (हिन्दी) के लिए अधिकतम BFJA पुरस्कार प्राप्त - चार बार  और 25 बार नामित. उन्होंने 2005 में फ़िल्म फेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया. खन्ना को हिंदी सिनेमा के पहले सुपर स्टार "के रूप में संदर्भित किया जाता है.  उन्होंने 1966 आखिरी खत के साथ में अपनी शुरुआत की और राज, बहारों के सपने की तरह अपनी फिल्मों में प्रदर्शन के साथ प्रमुखता से गुलाब, इत्तफाक और आराधना.


भगवन उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे ।

"जिंदगी कैसी है पहेली हाए ,कभी ये हसाए कभी ये रुलाये "



    

17 Jul 2012

UPA downgraded Indian Presidential Polls

पाठको को मेरा सादर प्रणाम ।UPA  पर राष्ट्रपति चुनावो की गरिमा को धूमिल करने का आरोप है ।और हां ये तथ्य 100 प्रतिशत सही है ।UPA ने सत्ता में आने के बाद से राष्ट्रपति चुनावो पर अन्य महत्त्वपूर्ण विषयो से ज्यादा ध्यान दिया है ।पहले प्रतिभा पाटिल जैसी नाकाबिल औरत को राष्ट्रपति पद पर आसीन किया और इस बार प्रणब मुखर्जी को !मै  सराहना करूंगा श्री  APJ अब्दुल कलाम जी की  उन्होंने UPA की दोगली राजनीती को समझ लिया और UPA सरकार के कार्यकाल में हो रहे दोनों राष्ट्रपति चुनावो  में भाग लेने से साफ़ मना कर दिया ।नही तो शायद इनकी घटिया राजनीती में फसकर उनकी गरिमा भी धूमिल होने की आशंका उत्पन्न हो जाती ।

बात करते है प्रतिभा देवी सिंह पाटिल की ,माफ़ करिएगा मै  उनके  नाम के आगे सम्मान सूचक संबोंधन लगाना जरुरी नही समझता क्युकी मेरे हिसाब से वो इस के  काबिल नही है ।प्रस्तुत है कुछ तथ्य:

  1.  पाटिल को  30 साल में सबसे दयनीय राष्ट्रपति का ख़िताब दिया गया है ।वैसे मेरे हिसाब से तो ये सबसे अच्छा सम्मान है । (स्त्रोत :Times  ऑफ़ इंडिया )
  2. इन पर  जालौन  सहकारी बैंक  में लिप्त होने का आरोप है।जहा  तक मुझे पता है पिछले 3 राष्ट्रपतियो में से किसी पर भी इसे आरोप नही लगे थे ।
  3. प्रतिभा पाटिल पर आरोप है की उन्होंने 2,61000sq .ft  भूमि जोकि सैनिको के  के लिए थी उस पर कब्ज़ा किया है  और उस पर अपना आलिशान निवास बनवा रही है । 
  4. प्रतिभा पाटिल ने अपना वेतन  को कैबिनेट के सुझाव पर 3 गुना बढ़ाने को स्वीकृति दी।जाहिर है एसा इन्होने राष्टपति पद से हटने के बाद मिलने वाले लाभ को बढ़ाने के लिए किया ।बताते चले की इस से पहले राष्ट्रपति वेतन 50000 रुपये था जो की अब 1.5 लाख हो गया है ।
(अधिक जानकारी के लिए कृपया तथ्यों पर click करे ।)

आप सभी और हर देशवासी कलाम को राष्ट्रपति पद पर देखना चाहता है ।पर इस झूठे  लोकतंत्र में जनता की   की राय को  सुनता  और पूछता  कौन है?? होना वही है जो UPA की हित में होगा ।अगले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को झेलने के लिए तैयार हो जाए ।यही इस देश की किस्मत है ।जय हिंद ।।


Reasons for why mamta supports and does not supports Pranab Mukherji?

शुभ प्रभात !कल NDTV  न्यूज़ चैनल पर ममता  फिर ब्रेकिंग न्यूज़ का हिस्सा बनी ।कारण फिर से वही नौटंकी की हम प्रणब मुखेर्जी को समर्थन नही देंगे ।आपको याद होगा की की कुछ दिन पहले ही इन्होने इसी नौटंकी की थी और एस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश के सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह से भी मिली थी ।करीबन 48 घंटे बाद ये मान गयी ।फिर दुबारा ये भांडपन  क्यों?क्या दीदी को रूठने मनाने के खेल में मजा आता है?या दीदी हमेसा सुर्खियों में रहना चाहती है ?या फिर उन्होंने प्रणब डा को सिर्फ इसलिए समर्थन दे दिया ताकि इतिहास में पहली बार एक बंगाली व्यक्ति राष्ट्रपति बन सके ??वैसे सच बताऊ तो भाजपा शासन में राष्टपति चुनाव में  छिछोरी राजनीति नही दिखती थी ।

विशेषज्ञों की राय माने तो इस नौतानको की पीछे ममता और प्रणब के व्यक्तिगत मतभेद है ।दीदी ने पत्रकारों से भी यही कहा  कि ये समर्थन का फैसला हुम अपनी ख़ुशी से नही कर  है बल्कि देश व लोगो के हित को  देखते  रखते हुए कर रहे है ।उन्होंने ने ये भी कहा  की इस से प्रणब को फायदा होगा पर उनके पास कोई अन्य विकल्प नही है ।उन्होंने ने अपने बयाँ में कहा की वो चाहती थी के एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रपति चुनाव के उम्मेदवार बने ।(सराहनीय ) ।बताते है की UPA के दुबारा  में आने के बाद के 18 महीने के कार्यकाल में ये दोनों लोगो 18 से 20 बार  सामने हुए पर दोनों ने एक दुसरे से कोई बातचीत नही की ।

बताना जरूरी है की बंगाल की दीदी तृणमूल कोंग्रेस की अध्यक्ष है तथा इस  पार्टी के 19 सांसद
 लोक सभा में और 9 राज्य सभा में है ।UPA गठबंधन की ये  के  दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और
इसीलिए कांग्रेस इनके तलवे चाटने के लिए मजबूर है ।


वैसे  जो भी हो प्रणब मुखेर्जी के दिन बहुरने वाले है ,UPA  के प्राप्त समर्थन से उनका राष्ट्रपति बन ना तो तय है ।जब वो प्रतिभा सिंह पाटिल जैसी निष्क्रिय महिला को राष्ट्रपति   है तो प्रणब तो फिर भी  सक्रिय  रहे है ।


Articles concerned with this issue:
http://technorati.com/politics/article/6-reasons-why-mamta-banerjee-of/

Interesting Facebook Pages

Hi readers!In this post I am going to give you information about some interesting pages that I found on Facebook.And I admit I am a Fb addict:) and I found it too charming to leave.It connects us to our friends and whole world.

Some people say it is worthless,time wasting and all stuffs but you would have heard "A knife edge use depends on how you use it".Similarly Facebook can be also used for constructive as well as destructive purposes.


Constructive purposes include:
  1. Creating and promoting product or service with a business page.
  2. Connecting with audience through updates by creating a personal page
  3. Groups can be made for people knowing each other or holding similar interests.
  4. Valuable information can be shared to a very large number of people by sharing and liking posts.
Harmful usage includes:
  1. Posting obscene material in groups or pages
  2. Posting content against some community
  3. Bullying, teasing or acting as a fraud by creating a fake profile

Links to some interesting pages:
  1. Narendra Modi Official Blog
  2. Thalua Club:Very interesting Journalist blog
  3. Myntra.com:For Online Shopping
  4. Talent Boy:Entertainer
  5. I was not kissing your lips, I was telling your lips a secret "I love You":Writer
  6. Projects Jugaad:Fun
  7. Aap Chutiye Hai:Hillarious
  8. Babu,I love u Babu:Romance with cute Baby Pics
  9. YAP Production:Fopr hacking and computer help
  10. Ethical Hacking:Knoew hacking tricks and tips
  11. Aarkshan Virodhi Morcha
  12. All India Anti Reservation Front
Hope you enjoy visiting and enjoying these pages!!happy Facebooking!




Is Mulayam Anti -Hindu???

प्रणाम पाठको ! ये विषय  उत्तेजक  और बहस के काबिल है ।विषय है की क्या मुलायम सिंह यादव हिन्दू विरोधी है या मुसलमानों के पछधर ??ये विषय उठा है हाल में ही निकली खबर जिसमे मुलायम ने फसबूक पर  विरोधी पोस्ट्स पर आदती व्यक्त करते हुए ये खा की वो इस बारे में प्रधानमंत्री से मिलेंगे और इसी सोशल नेटवर्किंग  साइट्स पर नियत्रण की बात कहेंगे ।इस पर सवाल ये उठता है की क्या मुलायम जी को फेसबुक पर हिन्दू विरोधी पोस्ट्स नही दिखे ,क्यो' वो हमेशा मुस्लिम आरक्षण की बाते करते रहते है,???

उत्तर ये है की वो एसा कर के अपना मुस्लिम  बैंक सुरछित करना चाहते है ।उनका सपना अब प्रधानमंत्री बनने का है ।वो नरेन्द्र मोदी को तो ये कह कर प्रधानमंत्री पद के अयोग्य बताते है की देश का प्रधानमंत्री सेकुलर होना चाहिए ।मुलायम जी आप क्या खुद सेकुलर है ???

ये पहली बार नही हुआ है ।बात तब की है जब मुलायम रक्षा मंत्री थे ,इन्होने पाकिस्तान को दो हजार करोड़ की आर्थिक सहायता देने का बयां  था ।बताया जाता है ये सब इन्होने अपने मंत्री आज़म खान के कहने पर किया जो की मुस्लिम वोट  बैंक की कुंजी है ।असल बात तो ये है की ये नेता लोग  समाज को युही धर्म और जाती के मुद्दों पर उलझा कर अपने वोते बैंक और  का उल्लू सीधा करते है ।ना इनकी कोई जाति होती है ना मजहब ।

"शायद आप भूल गये होंगे पर ये वही आजम खान है जिसने भारत माता को डायन कहा  था "।मै  पूछता हु क्या जरूरत है मुस्लिम समुदाय को आरक्षण देने की ???
  1. भारत में हिन्दुओ के बाद सबसे ज्यादा संख्या में कोई समुदाय है तो वो मुस्लिम है ।
  2. मुस्लिम हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है ।देश पर सालो तक इनका राज था ,पता नि कितनी सदियों से ये हमारे साथ रह रहे है ।फिर ये परायेपन का भाव क्यों? 
इस विषय पर और  जानकारी के लिए 
  1. :Thalua Club:Facebbok Page
  2. Article :Times of India
Please  comment on this topic and share this post to others too.Thankx for reading...

Right To Information:Weapon Against Corruption

शुभ मध्यान पाठको !
इस लेख  मै आपका संछिप्त परिचय सुचना का अधिकार अधिनियम से कराने जा रहा हु ।आसन शब्दों   तो हर सरकारी  में एक RTI अफसर   होती है , किसी सरकारी कार्य में आम जनता को कोई असुविधा होती है  अथवा आप किसी विभाग के सम्बन्ध में सुचना प्राप्त करना चाहते है तो आप सम्बंधित अधिकारी को एक प्रार्थना पत्र तथा 10 रूपये का पोस्टल आर्डर देकर सुचना प्राप्त कर  सकते है।ये आपका अधिकार है ।अगर सम्बंधित अधिकारी आपको 30 दिन के अंदर  डाक द्वारा  सुचना उपलब्ध नही कराता है  
तो आप शिकायत दर्ज करा सकते है ।सम्बंधित अधिकारी के   दंड का प्रावधान  है। इस अधिनियम में गोपनीयता का भी प्रावधान है ।

इस अधिनियम को  रूप देने मे बहुत समय लगा  सरकार के कई सदस्य इसके खिलाफ थे ।एस अधिनियम को पास करवाने में कुछ नाम इस प्रकार है -

  1. अरविन्द खेज्रिवाल 
  2. अरुणा रॉय 
  3. अन्ना हजारे 
  4. किरन बेदी 

अरविन्द खेज्रिवल को  इस अथक प्रयत्न के लिए RTI अवार्ड से सम्मानित भी किया गया ।आज वो India Against Corruption का  संचालन अन्ना हजारे और किरण बेदी के साथ मिलकर भारत से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए जी  से प्रयत्न कर  रहे   है ।

सुचना का अधिकार,2005:संछिप्त संवैधानिक परिचय 

एक अधिकार की व्यावहारिक शासन की स्थापना नागरिकों के लिए जानकारी करने के लिए सरकारी अधिकारियों के नियंत्रण के तहत जानकारी के लिए उपयोग सुरक्षित करने के लिए, क्रम में प्रत्येक लोक प्राधिकारी के कार्यकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध कराने के अधिनियम, केन्द्रीय सूचना आयोग का गठनऔर राज्य सूचना आयोगों और मामलों के लिए इस के सिवा या आनुषंगिक जुड़ा हुआ है.

जबकि भारत के संविधान लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना की है;

और जबकि लोकतंत्र एक जानकार नागरिक और सूचना की पारदर्शिता की आवश्यकता है जो अपने कार्य के लिए महत्वपूर्ण हैं और भी भ्रष्टाचार होते हैं और सरकारों और उनके instrumentalities को शासित करने के लिए जवाबदेह पकड़;

और जबकि वास्तविक व्यवहार में जानकारी का रहस्योद्घाटन सरकारों, सीमित वित्तीय संसाधनों का इष्टतम उपयोग और संवेदनशील जानकारी की गोपनीयता के संरक्षण के कुशल संचालन सहित अन्य सार्वजनिक हितों के साथ संघर्ष की संभावना है;

और जबकि यह आवश्यक है कि इन परस्पर विरोधी हितों के अनुरूप है जबकि लोकतांत्रिक आदर्श की सर्वोपरिता के संरक्षण;

अब, इसलिए, यह प्रस्तुत नागरिकों, जो यह है की इच्छा के लिए कुछ जानकारी के लिए प्रदान करने के लिए समीचीन है.।

ये ब्लॉग इसे ही विषयों को  समर्पित है ।कृपया इस लेख को अपने   वालो के साथ शेयर करे ताकि हर कोई अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सके ।


16 Jul 2012

Narendra Modi:Prime Minister by Choice.Agree??

 आज मंगलवार  है ,संकटमोचन हनुमान जी का दिन । चलिए आज इस देश के संकटमोचक के बारे में बात करते है । आपका अनुमान सही है मै गुजरात के भावी मुख्यमंत्री  नरेन्द्र   बात कर रहा हु ।अगर आप मोदी विरोधी है तो मै  येही कहना चाहूँगा आज देश को विकास की अव्यश्कता है और इस विरोध को इस विकास के लिए मिटा दीजिये ।


आपको 2002 का  गोधरा काण्ड और बहु 26 जनवरी का भूकंप  तो याद   ही होगा ,52 कारसेवको को साबरमती एक्सप्रेस में जिन्दा जलाने के बाद गुजरात में वो तांडव हुआ था की किसी ने  में भी  सोचा था कि गुजरात इस   उबार पाएगा ।पर आज देखिये गुजरात देश का सबसे प्रगतिशील राज्य है ।औकों है इस विकास के पीछे ?नरेन्द्र मोदी ,इन्होने ना ही गुजरात में सम्प्रयिदिकता की भावना को नियंत्रित किया बल्कि गुजरात के  को भी अपने अथक प्रयासों से शीर्ष  पर पहुचाया ।गोधरा काण्ड के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर जाये :http://en.wikipedia.org/wiki/2002_Gujarat_violence


आज गुजरात में देश के  के साथ साथ विदेशी निवेश सबसे ज्यादा है ।आपको याद होगा टाटा को जब किसान विरोध के कारण जब पश्चिम बंगाल से अपना  प्लांट हटाना पड़ा तो टाटा ने उत्तर प्रदेश   की मुक्यमंत्री मायावती  से भी भूमि अधिग्रहण की बात की ।पर मायावती को अपनी मुर्तिया और पोस्टर बनवाने से  मिले तो न वो राज्य के हित के बारे में सोचे ।पर नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में भूमि अधिग्रहण निवेशको के लिए इतना आसान बना दिया है की टाटा को अपनी परियोजना में कोई दिक्कत नही हुई ।मै अपना स्वयं का अनुभव आपको बताऊ ।मै  गांधीनगर जा चूका हु।कुछ रोचक तथ्य मै शेयर करना चाहूँगा ।



  1. राज्य के सरकारी अस्पतालों में राज्य के सभी  कुशल विशेषज्ञ मुफ्त सेवा देते है ।
  2. बिजली शहर छोडिये  में भी सिर्फ अकस्मात्  में ही है।
  3. सडको पर बिजली के तारो का मकडजाल आपको नही दीखेगा ।पूरी व्यवस्था भूमिगत है ।                           

अगर 2014 के चुनाव में भाजपा फिर से सत्ता में आती है ,तो  ही नरेन्द्र मोदी का  तय है  और अगर एसा नही होता है  तो समझ  की देश में  लोकतंत्र सिर्फ नाम का है ।वेसे सच तो यही है ।पर मेरा  यही है की अगर आपको  मिले तो जाती ,धर्म से ऊपर उठकर देश के विकास को ध्यान में रखते हुए नरेन्द्र मोदी जी को चुने ।

नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात में चल रही कुछ भावी योजनाये :
1.E-governanceProject and Initiatives
GSWANSWAGAT Online
E Gram – Vishvagrame-Dhara
Health Management Information SystemE-City
IWDMS

Education Projects & Initiatives

Agriculture Projects & Initiatives:
Women & Child Development Projects & Initiatives
Global Warming : Climate Change Initiatives

Infrastructure Projects & Initiatives

Narendra Modi's Website:Visit to know everything about Narendra Modi

What makes Narendra Modi speciall
VAT





Purvanchal facing an increase in crime in Akhilesh's Rule

पाठको को मेरा सआदर  प्रणाम।पूर्वांचल  अपराध बढ़ रहा है ।सपा सरकार के आने के बाद से आपराधिक वारदातों में बेहताशा वृद्धि दर्ज की गयी है ।आप मुझे कदापि सपा विरोधी मत समझ लीजिएगा ।ये बात पूर्णतया सत्य है ।मई उत्तर प्रदेश की आम जनता हु जिसके पास स्वीकार करने के सिवा अन्य कोई विकल्प नही है ,जिस जनता को अपनी अपनी मुलभुत आवश्यकता को पूरा करने के लिए भी गुजरात ,मुंबई का मुह देखना पड़ता हैह और जहा  के नेता 1000  करोड़ अपनी मुर्तिया बनवाने में खर्च कर देते है पर एक किसान के आत्महत्या करने पर ही उसका 25 हजार का क़र्ज़ माफ़ करते है ।खैर छोडिये  मुद्दे पर आते है ,और आपको मेरी बात पर विश्वाश नही है  मई आपको प्रमुख समाचार पत्रों में छपे अर्तिक्लेस के लिंक उपलब्ध करा देता हु  जो की निम्न है :


http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-06-12/india/32193855_1_crime-stats-crime-rate-murders:इस लेख के अनुसार माननीय अखिलेश जी के 45 दिनों के कार्यकाल में 600 से ज्यादा हत्या की वारदात दर्ज हुई है ।




आज आप अखबार के प्रथम पृष्ट पर हर रोज कोई न कोई सनसनीखेज वारदात जरुर पाएँगे ।यह तक के आये दिन सपा कार्यकर्ताओ की पुलिस के साथ दबंगई की खबरे आती रहती है ।लैपटॉप और बेरोजगारी भत्ते दिए या नही दिए गये पर विधायक निधि 25 लाख बढ़ा दी गयी है और हर विधायक को विधायक निधि से 20 लाख तक की गाड़ी लेने का प्रस्ताव विधान सभा में रख दिया गया है ।अखिलेश जी कहते है इससे विधायको का जनसंपर्क आम जनता से बेहतर होगा ।अरे अखिलेश जी आपको नही पता क्या ये प्रत्याशी सिर्फ चुनाव में ही आम जनता के साथ जनसंपर्क करते है ,उसके बाद आम जनता को 5 साल बाद का appointment पकड़ा दिया जाता है।स्थिति  दयनीय है ।कुछ करिये नही तो उत्तर प्रदेश भविष्य का बिहार बन जाएगा (वेसे आज बिहार  भारत के सबसे प्रगतिशील  में से एक है श्री नीतीश जी की अगुवाई में )।आज उत्तर  भी नरेन्द्र मोदी और नितीश जेसे dynamic मुख्यमंत्री की जरुरत है ।